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सेवा व अनुरक्षण केन्द्र की उपलब्धियॉं

 

संगठन अपने सेवा व अनुरक्षण केन्द्रों के माध्यम से केन्द्रों के विशेषज्ञता के क्षेत्र में समाज को उपकरणों की सर्विस एवं अनुरक्षण की सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण प्रदान करने का कार्य भी करता रहा है|

ऊर्जा के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने के दृष्टिगत चेन्नै केन्द्र ने ऊर्जा के अनुरक्षण एवं संरक्षण के लिए ऑन-लाइन ऊर्जा विश्लेषक पर कार्य किया और इसके प्रायोगिक परीक्षण मनाली पैट्रोकेमिकल्स लि., चेन्नै में किए गए| केन्द्र द्वारा ऊर्जा संरक्षण के लिए उपकरण विन्यास पर कार्यशालाओं के अतिरिक्त चिकित्सा उपकरणों की मरम्मत एवं रख-रखाव पर समय-समय पर उद्यमिता विकास कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है| इण्डो-जर्मन एनर्जी एफिशिएंसी प्रोग्राम ने केन्द्र को इस क्षेत्र में विशेष पहचान दिलवाई| आज केन्द्र अनेक संस्थानों जैसे तमिलनाडू राज्य बिजली बोर्ड, पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ, गुजरात राज्य ऊर्जा विकास एजेंसी आदि में एनर्जी ऑडिट एजेंसी के रूप जाना जाता है| केन्द्र द्वारा  विकसित ऊर्जा मॉनिटरिंग एवं नियंत्रण प्रणाली को भारत हैवी इलैक्टि्रकल्ज़ लि., रानीपेट में संस्थापित एवं चालू किया गया, इससे उनकी उत्पादन इकाई में ऊर्जा की बड़े पैमाने पर बचत में सहायता प्राप्त हुई है

सेवा व अनुरक्षण केन्द्र, दिल्ली का विश्लेषणात्मक एवं जैव- चिकित्सा उपकरणों, मापन एवं परीक्षण उपकरणों की मरम्मत एवं रख-रखाव के क्षेत्र में योगदान रहा है| सीएसआइआर और एटोमिक एनर्जी रैग्यूलेटरी बोर्ड के बीच हुए एक्स-रे मशीनों के निरीक्षण एवं पंजीकरण संबंधी समझौते को साकार रूप देने में दिल्ली केन्द्र ने महत्‍ववपूर्ण भूमिका निभाई| केन्द्र ने वर्ष 1994 में विदेशी मामलों के मंत्रलय के सहयोग से तीसरे विश्व के देशों के प्रतिभागियों के लिए जैव-चिकित्सा उपकरणों की मरम्मत एवं रख-रखाव पर नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन की एक श्रृंखला प्रारम्भ की, जो अभी भी सफलतापूर्वक जारी है| इसी दौरान केन्द्र ने ऐसे ही कुछ कार्यक्रम यूनिसेफ के आग्रह पर भी आयोजित किए| दिल्ली केन्द्र का अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों में भी योगदान रहा है, जिसके परिणामस्वरूप नॉन-लीनियर जंक्शन डीटेक्टर, आरएफ बग डीटैक्टर, इलैक्ट्रॉनिक स्टेथोस्कोप, मेडिकल ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर जैसी प्रौद्योगिकयॉं शामिल हैं|

संगठन के जयपुर स्थित केन्द्र ने ईटीडीसी के साथ जैव-चिकित्सा उपकरणों की मरम्मत एवं अनुरक्षण पर प्रशिक्षण कार्यक्रम तो आयोजित किए ही, साथ ही राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम लि. से वित्तीय सहयोग प्राप्त एक परियोजना के अन्तर्गत 4 कृषि पार्कों की स्थापना का कार्य भी प्रारम्भ किया| इस केन्द्र की उपलब्धियों में डीएसटी से सहायता प्राप्त एक परियोजना के अन्तर्गत उपकरणों की डायरेक्टरी का संशोधित संस्करण तैयार करना भी शामिल है| इसमें उत्पादों एवं वैज्ञानिक उपकरणों, संघटकों व मॉड्रयूल्स के सप्लायर्स की सूची दी गई है|

 

 

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