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विश्लेषणात्मक उपकरण विन्यास

 

विश्लेषणात्मक उपकरण विन्यास के क्षेत्र में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, डीएसटी द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम एसईएम, फेज़-1 के अन्तर्गत भारत में पहली बार 300 रैज़ोल्यूशन के स्कैनिंग माइक्रोस्कोप का विकास किया गया| एसईएम, फेज़-II में वेवलैंग्थ डिस्पर्सिव एक्स रे स्पेक्ट्रोमीटर का विकास किया गया| इस क्षेत्र के विकास कार्यों में एटोमिक एब्सोर्प्शन माइक्रोस्कोप आगामी कड़ी था, जिसका प्रयोग रासायनिक तत्वों का गुणात्मक एवं मात्रात्‍मक निर्धारण के लिए था| इसके बाद डीएसटी की प्रायोजित परियोजना के द्वारा स्कैनिंग इलैक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप का पूर्ण अभियांत्रिकृत मॉडल तैयार किया गया|

 

 

 
 

स्कैनिंग टनलिंग माइक्रोस्कोप एवं एटोमिक फोर्स माइक्रोस्कोप इस क्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियॉं रही हैं| इस उपलब्धि को दूरदर्शन के कार्यक्रम 'टर्निंग पॉयन्ट' में भी प्रसारित किया गया| सीएसआइआर-सीएसआइओ द्वारा निर्मित स्कैनिंग टनलिंग माइक्रोस्कोप की तीन इकाइयॉं क्षेत्रीय वैज्ञानिक उपकरण केन्द्रों,  कुरूक्षेत्र एवं पुणे तथा न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, शिमला में स्थापित की गईं| ग्लो डिस्चार्ज लैम्प एवं एटोमिक  एमिशन स्पैक्ट्रोमीटर एवं आभूषणों की शुद्घता जॉंचने के लिए गोल्ड एनालाइज़र का विकास भी किया गया|

ऊर्जा क्षेत्र् में प्रयोगशाला ने कि्रटिकल रोटरी मशीनों की कंडिशन मॉनिटरिंग के लिए भी उपकरण प्रणालियों का विकास किया| यह प्रणाली जीजीएसएस थर्मल पावर प्लांट, रोपड़ में स्थापित की गई|

 

 

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